वो सोफे के गद्दे में खो जाती है
जब भी वो शब्दों के चदर को समय की ठंड से बचने के लिए ओढ़ कर सो जाती है,
एक चुस्की ताज़गी वाली बरसात के पानी में भी ख़ुशक सा गर्माहट ला देती है,
उसके करवट के साथ धीमी उसकी सांसों के आवाज
दिल को एक अलग सुकून पहुंचा जाती है
उसकी बंद निगाहों में भी,
उसके सपनों का शोर दिखाई दे जाता है,
हल्की सी आहाट भी एक तूफान से कम नहीं होती,
कहीं उसका ख्वाब ना टूट जाए,
जिसे देख वो अनजाने में ही खूबसूरती से मुस्कुराती है,
छोटी सी पारदर्शिता उसके आंखें खुलने पर नजर आती है,
और एक प्यारी सी मुस्कान से जैसे
मेरी सारी दुनिया जगमगा जाती है
अब यह बात मेरा दिल संभाल नहीं पा रहा
की मेरी हर रूह उसके नज़्म से मोहब्बत का इकरार कर जाती है