तेरी याद

तेरा नाम ज़ुबान पे आते ही मुस्कुरा रहा हूँ,
जाने कौन सा गीत गुना गुना रहा हूँ,
तेरे काजल भरे नैनो को आँखें बंद कर के देखे जा रहा हूँ,
तेरी बातों को अकेलेपन मे दोहराए जा रहा हूँ,
बड़ा बेताब हो चला मॅन मेरा अब तुझसे मिलने को,
ना जाने क्यूँ अब हर खत मैं तेरे नाम ही किए जा रहा हूँ.
एक आस इस बेचैन से दिल मे उमड़ रही है,
क्या तू भी मुझे सोच कर ख़ालीपन मे मुस्कुरा रही है,
जाने यह वक़्त कब तक तेरी मेरी दूरियों को ऐसे सहलाता रहेगा,
बादलों मे बरसात भेजी है, की शायद यह तो कुछ कहेगा,
बेपरवाह हवाओं से कहा है तेरी खुसबू लेकर आए,
यादों मे मॅन अब तहेरता नही तेरे नूवर से यह दिल अब दूर नही रहेगा,
क़लम की नोक को यहीं रोक कर बस यह कहता हूँ तुझे,
तेरी याद आ रही है मुझे |

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